बिहार जीविका योजना से जुड़ने के फायदे | Bihar Jeevika Benefits

Bihar Jeevika benefits

बिहार जीविका योजना, बिहार जीविका योजना से जुड़ने के फायदे, जिसे आधिकारिक रूप से Bihar Rural Livelihoods Promotion Society (BRLPS) कहा जाता है, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 2006 में शुरू की गई थी। यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत चलती है।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य है कि महिलाओं को स्वयं-सहायता समूह (Self Help Groups – SHGs) में संगठित किया जाए ताकि वे मिलकर छोटे व्यापार, कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प आदि गतिविधियों से आय अर्जित कर सकें। बिहार जैसे राज्य में जहाँ ग्रामीण गरीबी एक बड़ा मुद्दा रही है, वहां जीविका योजना ने हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया है।

6 बिहार जीविका योजना से जुड़ने के फायदे

अब आइए विस्तार से जानें कि जीविका सदस्य बनने के क्या-क्या प्रमुख लाभ (Benefits) हैं और कैसे यह योजना महिलाओं का जीवन बदल रही है।

1. आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय सहायता

जीविका योजना का सबसे बड़ा फायदा है कि यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। जैसे ही कोई महिला SHG समूह में शामिल होती है, उसे समूह द्वारा नियमित बचत करने, छोटे ऋण लेने और सामूहिक रूप से व्यापार करने का मौका मिलता है।

सरकार और बैंकों द्वारा जीविका समूहों को बिना गारंटी (collateral-free) ऋण भी उपलब्ध कराए जाते हैं। यह ऋण महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय जैसे किराना दुकान, डेयरी, सब्ज़ी उत्पादन, दर्जी कार्य आदि शुरू करने में मदद करता है।

इसके अलावा, सरकार समय-समय पर आर्थिक अनुदान और revolving fund भी देती है जिससे महिलाएं बड़े स्तर पर व्यापार कर सकें। अगर व्यवसाय सफलतापूर्वक चलता है तो उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाती है। यह व्यवस्था महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

2. बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता Bihar Jeevika Benefits

ग्रामीण महिलाओं को अक्सर बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं होती। जीविका योजना इस कमी को पूरा करती है।

SHG समूह में जुड़ने के बाद हर महिला का बैंक खाता खुलवाया जाता है और उन्हें पैसे जमा करने, निकालने, ऋण लेने और समय पर भुगतान करने की जानकारी दी जाती है। इस तरह महिलाएं वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) सीखती हैं, जो उनके पूरे जीवन में काम आती है।

महिलाएं अपने समूह की नियमित बैठकों में हिसाब-किताब सीखती हैं, जिससे उनमें आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। यह बदलाव उन्हें घर और समाज में अधिक सम्मान और आत्मविश्वास दिलाता है।

3. कौशल विकास और प्रशिक्षण अवसर

जीविका योजना का एक और बड़ा फायदा है कि यह महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण (Skill Development) उपलब्ध कराती है।

BRLPS समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम (training programs) चलाता है जैसे कि सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डिजिटल साक्षरता, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग आदि। इन प्रशिक्षणों के बाद महिलाएं स्वरोजगार या नौकरी दोनों में से कोई भी रास्ता चुन सकती हैं।

यह प्रशिक्षण न केवल उनकी आय बढ़ाता है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाता है। कई महिलाएं अपने प्रशिक्षण के बाद खुद का सूक्ष्म उद्यम (micro enterprise) खोल चुकी हैं और अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

4. सामाजिक सशक्तिकरण और नेतृत्व क्षमता

जीविका सदस्य बनने का मतलब केवल आर्थिक लाभ पाना नहीं है, बल्कि समाज में नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करना है।

SHG समूह नियमित बैठकें करते हैं जिसमें महिलाएं अपने विचार रखती हैं, फैसले लेती हैं, और समस्याओं का समाधान खोजती हैं। यह प्रक्रिया उन्हें आत्मविश्वासी और जागरूक नागरिक बनाती है।

कई महिलाएं जो पहले घर से बाहर नहीं निकलती थीं, अब पंचायत, स्कूल समिति, ग्राम सभा आदि संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। इससे समाज में महिलाओं की स्थिति और सामाजिक भागीदारी (social participation) दोनों में सुधार हो रहा है।

5. स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण योजनाओं से जुड़ाव

जीविका योजना केवल आय वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता भी बढ़ाती है।

समूह की बैठकों में महिलाओं को स्वच्छता, परिवार नियोजन, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण युक्त आहार आदि विषयों पर जानकारी दी जाती है। कई बार स्वास्थ्य विभाग और ICDS के साथ मिलकर विशेष शिविर भी लगाए जाते हैं।

इससे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। महिला कल्याण योजनाओं जैसे मातृत्व लाभ योजना, जननी सुरक्षा योजना, पोषण अभियान आदि की जानकारी भी इन्हीं बैठकों के माध्यम से दी जाती है, जिससे महिलाएं समय पर इन योजनाओं का लाभ ले पाती हैं।

6. गरीबी उन्मूलन और सामुदायिक विकास

जीविका योजना का अंतिम लेकिन सबसे बड़ा फायदा है कि यह सामूहिक रूप से पूरे गांव और पंचायत के विकास में योगदान करती है।

जब गांव की महिलाएं संगठित होकर कमाई करने लगती हैं तो उनका परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण मिलता है। गांव में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ते हैं जिससे स्थानीय पलायन (migration) भी कम होता है।

महिलाओं की आय बढ़ने से वे समाज में सम्मानपूर्वक निर्णय ले पाती हैं और गांव में स्वच्छता, सड़क, पानी, शिक्षा जैसी सामुदायिक सुविधाओं के लिए भी आगे आती हैं।

इस प्रकार जीविका योजना केवल व्यक्तिगत महिला को नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज को बदल रही है।


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निष्कर्ष : बिहार जीविका योजना से जुड़ने के फायदे – Jeevika Benefits

बिहार जीविका योजना (BRLPS) महिलाओं को न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक और नेतृत्व के स्तर पर भी सशक्त बना रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह महिलाओं को आपस में जोड़ती है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है और गांव की समग्र प्रगति में योगदान देती है। यदि आप या आपके परिवार की कोई महिला सदस्य अभी तक जीविका समूह से नहीं जुड़ी हैं, तो यह सशक्तिकरण और विकास की दिशा में पहला कदम हो सकता है।

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